एक्सपायरी दवाओं का नुकसान कैसे कम करें? मेडिकल स्टोर के लिए 7 आसान तरीके
हर मेडिकल स्टोर मालिक जानता है कि दराज़ में पड़ी एक्सपायर दवा सीधे जेब से गया पैसा है। अच्छी बात यह है कि थोड़ी-सी आदत बदलकर और सॉफ्टवेयर की मदद से यह नुकसान काफ़ी कम किया जा सकता है।
1. हर हफ़्ते नियर-एक्सपायरी लिस्ट देखें
अगले 60–90 दिनों में एक्सपायर होने वाली दवाओं की लिस्ट हर हफ़्ते निकालें। ऐसी दवा को काउंटर पर आगे रखें और बिलिंग के समय पहले वही बैच दें।
2. बिलिंग में पहले पुराना बैच
अगर सॉफ्टवेयर बिल बनाते समय अपने-आप पहले एक्सपायर होने वाला बैच चुनता है, तो स्टाफ़ की ग़लती से नया माल पहले नहीं बिकता।
3. ज़रूरत से ज़्यादा ऑर्डर न करें
स्कीम के लालच में धीमी बिकने वाली दवा ज़्यादा मंगा लेना एक्सपायरी की सबसे बड़ी वजह है। स्लो-मूविंग स्टॉक रिपोर्ट देखकर ही ऑर्डर तय करें, और हर दवा का रीऑर्डर लेवल सेट करें।
4. कंपनी/सप्लायर को समय पर एक्सपायरी रिटर्न
ज़्यादातर सप्लायर एक तय समय के अंदर एक्सपायरी वापस लेते हैं। एक्सपायरी रिटर्न और क्लेम का रिकॉर्ड सॉफ्टवेयर में रखें, ताकि कौन-सा क्लेम बाकी है यह याद रहे।
5. ग्राहक की डिमांड नोट करें
जो दवा ग्राहक मांगता है पर स्टॉक में नहीं, उसे शॉर्टेज बुक में लिखें। इससे पता चलता है कि असल में कौन-सी दवा की मांग है — और बेकार दवाएं कम मंगानी पड़ती हैं।
6. रेगुलर ग्राहकों को रिमाइंडर
BP, शुगर जैसी रोज़ की दवाओं के ग्राहकों को रिफ़िल रिमाइंडर भेजने से वही दवाएं तेज़ी से घूमती हैं और स्टॉक पुराना नहीं होता।
7. महीने में एक बार स्टॉक मिलान
कंप्यूटर का स्टॉक और रैक का असली स्टॉक मिलाएं। फ़र्क ठीक करने के लिए स्टॉक एडजस्टमेंट करें, वरना नियर-एक्सपायरी रिपोर्ट भी ग़लत आएगी।
| तरीका | फ़ायदा |
|---|---|
| नियर-एक्सपायरी लिस्ट | समय रहते बिक्री |
| पहले पुराना बैच | स्टाफ़ की ग़लती कम |
| रीऑर्डर लेवल | ज़रूरत भर माल |
| एक्सपायरी रिटर्न रिकॉर्ड | पैसा वापस |
मेरी सलाह
एक्सपायरी का नुकसान रातों-रात ख़त्म नहीं होगा, पर अगर आप हर हफ़्ते 15 मिनट नियर-एक्सपायरी लिस्ट पर लगाएं, तो कुछ ही महीनों में फ़र्क दिखने लगेगा।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
नियर-एक्सपायरी कितने दिन पहले मानें? ज़्यादातर दुकानें 60–90 दिन रखती हैं; धीमी बिकने वाली दवाओं के लिए 120 दिन भी ठीक है।
क्या हर सप्लायर एक्सपायरी वापस लेता है? नहीं, शर्तें अलग-अलग होती हैं। ख़रीदते समय ही एक्सपायरी रिटर्न की शर्त पूछ लें।
सॉफ्टवेयर इसमें कैसे मदद करता है? बैच अपने-आप चुनना, नियर-एक्सपायरी और स्लो-मूविंग रिपोर्ट, और एक्सपायरी रिटर्न का रिकॉर्ड — ये सब काम सॉफ्टवेयर से आसान हो जाते हैं। उदाहरण के लिए Retayo Pharma (retayo.com) में ये रिपोर्ट मिलती हैं; अपने सॉफ्टवेयर में भी इन्हें ज़रूर देखें।