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डिजिटल हेल्थ इंसेंटिव स्कीम (DHIS): क्या आपके मेडिकल स्टोर को सरकार से मिलने वाले पैसे मिल रहे हैं?

5 नवंबर 2026 · 7 मिनट पढ़ें · Retayo Pharma टीम

नमस्ते दोस्तों! अगर आप मेडिकल स्टोर चलाते हैं, तो आप जानते ही होंगे कि आज के समय में धंधा करना कितना बदल गया है। पहले सिर्फ पर्चा देखकर दवा देनी होती थी, लेकिन अब GST, स्टॉक मैनेजमेंट, एक्सपायरी और ऊपर से ऑनलाइन फार्मेसी से मुकाबला—सिरदर्दी कम नहीं है।

लेकिन क्या आपको पता है कि भारत सरकार अब आपको डिजिटल बनने के लिए पैसे भी दे रही है? जी हाँ, आपने सही सुना। इसे कहते हैं डिजिटल हेल्थ इंसेंटिव स्कीम (DHIS)। आज के इस ब्लॉग में हम बिलकुल आसान भाषा में समझेंगे कि यह स्कीम क्या है और आपके मेडिकल स्टोर को इसका फायदा कैसे मिल सकता है।

डिजिटल हेल्थ इंसेंटिव स्कीम (DHIS) क्या है और यह चर्चा में क्यों है?

सरकार चाहती है कि भारत का पूरा हेल्थ सिस्टम डिजिटल हो जाए। जैसे हम UPI से पैसे भेजते हैं, वैसे ही सरकार चाहती है कि मरीजों का रिकॉर्ड भी डिजिटल रहे। इसके लिए Ayushman Bharat Digital Mission (ABDM) शुरू किया गया है।

अब सरकार जानती है कि एक मेडिकल स्टोर वाले के लिए अपना काम छोड़कर कंप्यूटर पर सारा डेटा चढ़ाना मुश्किल है। इसीलिए उन्होंने DHIS स्कीम निकाली है। इसमें अगर आप मरीज का बिल या दवा का रिकॉर्ड डिजिटल तरीके से उनके ABHA (Ayushman Bharat Health Account) से जोड़ते हैं, तो सरकार आपको हर ट्रांजेक्शन पर कुछ पैसे 'इंसेंटिव' के रूप में देती है। यह सीधा आपके बैंक खाते में आता है। हाल ही में सरकार ने इस स्कीम को और भी आसान बनाया है ताकि छोटे केमिस्ट भी इसका फायदा उठा सकें।

इंसेंटिव की गणित: एक डिजिटल ट्रांजेक्शन पर मेडिकल स्टोर को कितने पैसे मिलेंगे?

अब आप सोच रहे होंगे कि "भाई, पैसे कितने मिलेंगे?"

देखिए, स्कीम के नियम समय-समय पर अपडेट होते रहते हैं, लेकिन इसका बेसिक फंडा यह है कि आपको एक तय सीमा (threshold) के बाद हर डिजिटल हेल्थ रिकॉर्ड बनाने पर इंसेंटिव मिलता है।

  1. जब आप किसी मरीज का डिजिटल बिल जनरेट करते हैं और उसे उनके ABHA ID से लिंक करते हैं, तो सरकार उसे एक 'ट्रांजेक्शन' मानती है।
  2. शुरुआती कुछ ट्रांजेक्शन (जैसे महीने के पहले 50 या 100) के बाद, हर ट्रांजेक्शन पर ₹15 से ₹20 तक का इंसेंटिव मिल सकता है।
  3. अगर आपका स्टोर बड़ा है और आप दिन में 50-100 डिजिटल बिल फाड़ते हैं, तो महीने के अंत में यह एक अच्छी-खासी रकम बन जाती है जो आपके सॉफ्टवेयर का खर्चा भी निकाल देगी और मुनाफा भी बढ़ाएगी।

किसे मिलेगा फायदा? स्कीम के लिए ज़रूरी पात्रता और नए नियम (2024 अपडेट)

हर कोई इस स्कीम का लाभ नहीं ले सकता, इसके लिए कुछ शर्तें हैं:

  • ABDM रजिस्ट्रेशन: आपके मेडिकल स्टोर को 'Health Facility Registry' (HFR) में रजिस्टर होना चाहिए।
  • ABHA ID: आपको ग्राहकों का बिल उनके ABHA ID के जरिए बनाना होगा। आजकल सरकार 'Scan and Share' सर्विस को बढ़ावा दे रही है जिससे मरीज QR code स्कैन करके अपनी जानकारी शेयर कर सकता है।
  • डिजिटल सॉफ्टवेयर: सबसे जरूरी बात यह है कि आप जो billing software इस्तेमाल कर रहे हैं, वो ABDM के साथ जुड़ा (integrated) होना चाहिए। अगर आपका सॉफ्टवेयर पुराना है और इंटरनेट से नहीं जुड़ता, तो आप क्लेम नहीं कर पाएंगे।

सॉफ्टवेयर की भूमिका: क्या आपका मौजूदा बिलिंग सॉफ्टवेयर DHIS के लिए तैयार है?

मार्केट में बहुत सारे सॉफ्टवेयर हैं जैसे MedWin और EasySol। ये काफी सालों से चल रहे हैं और कई दुकानदार इनका इस्तेमाल भी कर रहे हैं। लेकिन DHIS का पैसा पाने के लिए आपको यह देखना होगा कि क्या आपका सॉफ्टवेयर नए सरकारी नियमों के हिसाब से अपडेटेड है।

एक अच्छा सॉफ्टवेयर सिर्फ बिल नहीं फाड़ता, बल्कि आपकी मेहनत कम करता है। अगर आपको मैन्युअली हर मरीज का ABHA ID डालना पड़े, तो दुकान पर भीड़ लग जाएगी। इसलिए आपको ऐसा software चाहिए जो 'Scan and Share' सपोर्ट करे और एक क्लिक में डेटा सरकार के पोर्टल पर भेज दे।

यहाँ हम कुछ प्रमुख सॉफ्टवेयर की तुलना देखते हैं:

फीचर Retayo Pharma MedWin EasySol
WhatsApp Billing हाँ (Official API के साथ PDF भेजना) कंपनी से पुष्टि करें कंपनी से पुष्टि करें
AI OCR (Purchase Entry) हाँ (सप्लायर का बिल स्कैन करके एंट्री) कंपनी से पुष्टि करें कंपनी से पुष्टि करें
Offline Billing हाँ (बिना इंटरनेट के भी बिलिंग) कंपनी से पुष्टि करें कंपनी से पुष्टि करें
Mobile Dashboard हाँ (कहीं से भी सेल-स्टॉक देखें) कंपनी से पुष्टि करें कंपनी से पुष्टि करें
Data Import MedWin और EasySol से संभव - -

नोट: MedWin और EasySol पुराने और भरोसेमंद नाम हैं। उनकी विशिष्ट सुविधाओं और ताज़ा कीमतों के लिए कृपया उनकी कंपनी से संपर्क करें।

Retayo Pharma और ABDM: सरकारी इंसेंटिव क्लेम करने की प्रक्रिया को कैसे आसान बनाएं?

अगर आप अपने मेडिकल स्टोर को आधुनिक बनाना चाहते हैं और सरकारी इंसेंटिव का फायदा उठाना चाहते हैं, तो Retayo Pharma एक बेहतरीन विकल्प हो सकता है। इसकी कुछ खूबियाँ जो एक दुकानदार का काम आसान बनाती हैं:

  1. Fast Billing: यहाँ आप एक साथ 4 ग्राहकों के बिल (Ctrl+1–4) खोल सकते हैं। अगर एक ग्राहक दवा ढूंढने चला गया, तो दूसरे का बिल रोकिए मत।
  2. WhatsApp Connect: बिल सीधे ग्राहक के WhatsApp पर PDF बनकर जाता है। इससे कागज का खर्चा बचता है और ग्राहक को भी अच्छा लगता है।
  3. AI Scan: सप्लायर से आए लंबे-चौड़े बिल की एंट्री अब मैन्युअली करने की जरूरत नहीं। AI के जरिए बिल स्कैन करें और स्टॉक अपने आप चढ़ जाएगा।
  4. Owner on Phone: आप दुकान पर नहीं हैं? कोई बात नहीं। अपने फोन पर live web dashboard (retayo.com/app) खोलें और देखें कि आज कितनी सेल हुई और कितना मुनाफा हुआ।
  5. Expiry & Stock: एक्सपायरी आने से पहले ही सॉफ्टवेयर आपको बता देगा। साथ ही, अगर कोई दवा खत्म होने वाली है, तो वह 'Shortage Book' में चली जाएगी और दवा आते ही ग्राहक को अपने आप WhatsApp मैसेज चला जाएगा।

मेरी सलाह

देखो भाई, जमाना बदल रहा है। आजकल लोग ऑनलाइन दवा मंगवा रहे हैं (जैसा कि हम खबरों में देख रहे हैं कि केमिस्ट एसोसिएशन इसके खिलाफ प्रदर्शन भी कर रहे हैं)। ऐसे में अपने लोकल ग्राहकों को बांधे रखने का एक ही तरीका है—बेहतर सर्विस और डिजिटल जुड़ाव।

DHIS स्कीम सिर्फ पैसों के लिए नहीं है, यह आपके स्टोर को प्रोफेशनल बनाने का एक मौका है। मेरा सुझाव है कि आप ऐसा सॉफ्टवेयर चुनें जो न सिर्फ GST और स्टॉक संभाले, बल्कि आपको सरकार से मिलने वाले फायदों से भी जोड़ सके।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)

1. क्या DHIS का पैसा हर महीने मिलता है? जी हाँ, अगर आप सरकार द्वारा तय की गई ट्रांजेक्शन की लिमिट पार कर लेते हैं, तो क्लेम प्रोसेस होने के बाद पैसा आपके रजिस्टर्ड बैंक अकाउंट में आ जाता है।

2. अगर मेरे पास इंटरनेट नहीं है तो क्या मैं डिजिटल बिलिंग कर सकता हूँ? Retayo Pharma जैसे सॉफ्टवेयर में आप ऑफलाइन बिलिंग कर सकते हैं। जब इंटरनेट आए, तब आप डेटा सिंक कर सकते हैं, लेकिन ABDM ट्रांजेक्शन के लिए उस समय इंटरनेट की जरूरत होती है।

3. क्या ग्राहकों को ABHA ID बनाना जरूरी है? इंसेंटिव पाने के लिए हाँ। आप अपने स्टोर पर ही ग्राहकों की मदद कर सकते हैं उनका ABHA ID बनाने में। यह बहुत आसान है और इससे ग्राहक का भरोसा भी बढ़ता है।

निष्कर्ष: पेपरलेस बिलिंग सिर्फ ज़रूरत नहीं, अब कमाई का ज़रिया भी है

डिजिटल होना अब आपकी मजबूरी नहीं, बल्कि समझदारी है। एक तरफ आप अपना स्टॉक और हिसाब-किताब सही रख रहे हैं, और दूसरी तरफ सरकार आपको इसके लिए इनाम भी दे रही है। तो देर किस बात की? अपने पुराने बही-खातों या पुराने ढर्रे के सॉफ्टवेयर को छोड़िए और डिजिटल इंडिया का हिस्सा बनिए।

अगर आप देखना चाहते हैं कि डिजिटल बिलिंग आपके स्टोर को कैसे बदल सकती है, तो आप अपनी पसंद के सॉफ्टवेयर का demo लेकर देख सकते हैं, जैसे कि Retayo Pharma (retayo.com)।

स्रोत

  1. ABHA's Scan and Share Service Facilitates 3 Crore OPD Registrations Nationwide - Press Information Bureau — Press Information Bureau
  2. Medicines Are Not Mere Merchandise: Why India Needs a Modern E-Pharmacy Law - Rising Kashmir — Rising Kashmir
  3. Why chemists across India are going on strike on May 20: What is their dispute with e-pharmacies? - The Indian Express — The Indian Express
  4. Chemists to observe 24-hour nationwide strike over e-pharmacy rules - ANI News — ANI News
  5. Chemists Intensify Protest Against E-Pharmacies, Call For Nationwide Bandh On May 20 - Outlook India — Outlook India
  6. Protest of India’s Pharmacy Retailers - Countercurrents — Countercurrents

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